Текст песни
कवंरिया कहां चला रे। काँवर उठाई के, काँवर उठाई के। कवंरिया कहाँ चला रे। काँवर उठाई के, काँवर सुल्तानगंज ई बै कांवर सजेई 배 बाबा चरनिया में जलवा चढ़ेई वै। सुल्तानगंज ई बै काँवर सजेई बा बाबा चरनिया में चलवा चढेई बै। कंवरिया कहा चला रे। कांवर उठाई के, कांवर उठाई के । कंवरिया कहा चले。 कांवर उठाई के, काँवर उठाए के। सुलतान गंज ई बै कांवर सजेई बै बाबा चरनिया में जलवा चढ़ै ब सुलतान गंज ई बै कांवर सजइ बै बाबा चरणिया में जलवा चढ़ै ब। कंवरिया कहा चला रे। कांवर उठाई के, कांवर उठाई के। रहया तेरे नतिया घर ने बेजना लगे मन को हर ले। रह्या मेरे रतिया धरते। बैजनाथ लगे मन को हरले। कवंरिया कहाँ चला रे। कांवर उठाएंगे, कांवर उठाएंगे। कवंरिया कहाँ ला रे। कांवर उठाई के काँवर उहाई के। कवंरिया कहाँ लरे। । गंगा नहाए बै कांवर उठे इब बाबा नगरिया में दौड़त जय Ligia मैं दौरत जाई ば ই। गंगा नाहीं बै कांवरउठे ഇബ बाबा नगरिया में दौरत जाई ば い । कबड़िया कहाँ चली रे? कांवर सजाई के कांवर सजाई के। कबड़िया कहाँ चली रे? कांवर सजाई के कांवर सजाई के। नंगे पांव जइबे बाबा की मनाइ बे बेलपत्र चंदन भूरा लगाय दे। नंगे पाव जायके बाबा की मनाई दे। बेल पत्र चंदन भतूरा tinkara लगाए गए। कबड़िया कहाँ चली रे। कांवर सजाइ के काँवर सजाइ के। कबड़िया कहाँ चली रे। कांवर सजाइ के काँवर सजाइ के। बेल पत्र चंदन भूरा लगाए गए। नंगे पाँव जाइए बाबा के मनेली ले। बेल पत्र चंदन पूरा लगाए गए।
Tapas, Rani — Kanwariya Kanha Chala Re Kanwar Uthaike
«Kanwariya Kanha Chala Re Kanwar Uthaike» — Tapas, Rani. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 4:53. Жанр — Другое.
