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मैं कानपुर से ट्रेन द्वारा पटना आया और पटना जब रेलवे स्टेशन पर उतरा तो मुझे बाकरगंज जाना था गोपाल जी के पास। मैंने एक रिक्शा वाले से पूछा कि भाई बाकरगंज चलोगे? बोला हां साहब चलूंगा। मैंने पैसा बोलो। बोला फर्स्ट क्लास का ₹2, सेकंड क्लास का ₹1, थर्ड क्लास का 50 पैसा। मैं बड़े चक्कर में पड़ गया कि रिक्शा एक और क्लास तीन बता रहा है। मैंने रिक्शा वाले से पूछा भाई तेरा फर्स्ट क्लास किधर है? बोला जब आप फर्स्ट क्लास में बैठेंगे, सीट को साफ करूंगा, खांचा बचा के ले चलूंगा और जब आप सेकंड क्लास में बैठेंगे सीट को साफ नहीं करूंगा। खांचा वांचा कुछ नहीं बचाऊंगा। कुदा फदा के ले जाऊंगा। मैंने सोचा ये तो हाथ पर तोड़ डालेगा। मैंने कहा थर्ड क्लास। बोला थर्ड क्लास का जब नंबर आएगा तो रिक्शे में आप नहीं मैं बैठूंगा। रिक्शा आप चलाएंगे। मैं जा रहा हूं। देखूं मेरी धर्मपत्नी कहां घूमा करती है। बड़ी आवारा हो गई है। क्यों जी? आ गई आप। जी हां। आप यहां कैसे घूम रही हैं? हमारा road है इसलिए घूम रहे। आपका Road? और क्या जनाना road है। अरे यह तो बड़े ताज्जुब की बात है। मैंने रोडों के बारे में बहुत कुछ सुना है। National Road, Local Road लेकिन Ladies Road आज पहली मर्तबा सुन रहा हूं। आपके road कहां से कहां तक गया हुआ है? हमारा road? हां। पटना से कानपुर। इतना लंबा चौड़ा Road औरतों का नहीं होता है। क्यों? औरतों का local road होता है। इस गली से गुजरकर उस गली पर खत्म हो जाता है जाकर। इतना लंबा चौड़ा road सिर्फ मर्दों का होता है। आपके road की कोई खास पहचान है? हमारे road में बहुत कुछ चलता है। क्या चलता है? रिक्शा चलता है। रिक्शा चलता है। तांगा चलता है। हां, lottery खुल गया। रिक्शा वालों का भी, तांगा वालों का भी। motor चलती। motor भी चलता है। बस चलती है। बस। बस। रिक्शा, तांगा। motor बस। बस। यह कोई सवारी है। क्यों? यह कोई सवारी है। यह तो सारा item जो आप बता रही सब बोझा ढोने का सवारी है। अरे मर्दों के road की सवारी देखी आपने। क्या? Special सवारी है। Company वालों ने क्या सवारी बनाई है। वैसे आपका road अच्छा है। काफी load उठा रहा है। Truck भी जा रहा है। Bus भी जा रही है। हल्का फुल्का भी वाहन जा रहा है। लेकिन हमारा जो road है। क्या है? उस पर क्या सवारी है? क्या है? तीन पहियों की सवारी है। वो कौन सी? समझने वाले सब समझ रहे हैं। क्या समझ रहे हैं? तीन पहियों की सवारी है मालूम कौन सी? कौन सी? दो पहिया पीछे होते, एक पहिया आगे होता है। वो कौन सी है? वो है tempo। tempo क्या होता है? आपने tempo नहीं देखा। मैंने कभी नहीं देखा। तेरे की तो तुमने दुनिया में क्या देखा जब tempo नहीं देखा। tempo मालूम क्या चीज है? क्या चीज है? दो पहिया पीछे होते, एक पहिया आगे होता है। और सबसे बड़ी बात यह है कि सारा का सारा वजन अगले पहिए पर होता है। अगले पहिए की हिम्मत देखिए कितना load उठा रहा है। और मालूम है आपकी जो बस है। उसमें कितने gear होते हैं? पांच। बस। हमारे tempo में पांच ही gear होते हैं। तो फर्क क्या है? फर्क है। क्या है? आप driver से पूछ कर देखिए। आपके gear में कितनी उलझन है। क्या है? यहां से उठा के उधर लगाइए। फिर neutral करिए, तब इधर लगाइए और हमारा gear सामने से खींच के बगल में घोंस दीजिए। समझी आप। जी हां। और आपकी जो बस है उसमें तमाम problem। बड़ी उलझन। बड़ी दिक्कत। क्या है? अरे बस में चढ़ने के लिए रेलम पेल मचाना पड़ता है। उसके बावजूद भी बस के अंदर मालूम क्या लिखा रहता है। एक मर्तबा हम दिल्ली गए हुए थे। हमको सरदार पटेल मार्ग जाना था। मैं Railway station से उतरकर bus stop पहुंचा। मालूम कहां पे लाल किला। बहुत बड़ा bus stop है। अच्छा। Bus stop पास पहुंचा तो बस के पीछे, पीछे वाले दरवाजे मालूम क्या लिखा था? क्या लिखा था? पीछे से चढ़िए, आगे से उतरिए। ठीक लिखा था। ठीक लिखा था। बस के अंदर घुस गए। ticket बनवा लिया और बैठने के लिए सीट ढूंढ रहे हैं तो सीट के ऊपर मालूम क्या लिखा है? क्या लिखा है? staff सीट। अच्छा। और आगे बढ़ गए तो विधायक सीट। अच्छा। उसके आगे बढ़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीट। तेरी मां को बस मालूम। पूरी बस में कहीं जगह ही नहीं है। एक सीट खाली पड़ी हुई थी। उसी बैठ गया। मेरे आगे एक महिला बैठी हुई थी। आपकी तरह बिल्कुल नमकीन। अच्छा। मैंने सोचा सीट पर कहीं कुछ और तो नहीं लिखा हुआ है। गौर किया तो महिला की सीट पर क्या लिखा हुआ था? क्या लिखा था? यात्रीओ चलती हुई गाड़ी में अपने अपने सामान की हिफाजत खुद करिए। तो ठीक लिखा था। हां ठीक लिखा था। मैंने सोचा यह दिल्ली परिवहन निगम है। हो सकता है यहां का कानून ऐसा ही हो। लेकिन हमारी सीट पर मालूम क्या लिखा था? क्या लिखा था? बहुत बड़ी बात लिखी हुई थी। क्या लिखी थी? हम कह देंगे तो आप बुरा मान जाएंगी। नहीं हम बुरा नहीं मानेंगे। मालूम क्या लिखा था। यात्रीओ चलती हुई गाड़ी में शरीर का कोई सा भी हिस्सा बाहर नहीं होना चाहिए। कसम भगवान की लाल किले से, लाल किले से धौला कुआं तक पूरा का पूरा दबा के बैठे रहे। पूरा चाप के बैठे रहे। ऐसा न हो कोई अंग बाहर निकल जाए। ट्रक वाला रगड़ के भाग जाए तो पता चला अंग भंग हो गया। आपके कितने बाल बच्चे हैं? हमारे? हां। एक दर्जन। एक दर्जन। और क्या? और family planning वालों छापा अभी तक नहीं मारा। जी नहीं। अरे बाप रे बाप तेरी मां का परिवार नियोजन मालूम। अभी तक कहां थी आप? हम। हां। गांव में थे। गांव में थी। गांव में क्या करती थी? बकरी चलाते थे। बकरी चराती थी। जी हां। देहाती माल है लेकिन अच्छा है। आप बकरी चराती थी। जी हां। कितनी बकरियां हैं आपके पास? बीस। और बकरे? बकरे का क्या काम है? बकरे का कोई काम ही नहीं है। 20 बकरियों की team है और कप्तान है ही नहीं तो Team का कौन संभालता होगा? हमारे पास दो कप्तान हैं। कौन से? एक गोपाल भाई का है, एक शुक्ला जी का है। वो कौन से हैं? एक तो बेकार है, reject हो गया है। एक बड़ा खतरनाक है। सुबह पांच बजे उठता है। जब कोई आप जैसी सफेद बकरी उसको नजर आती है तो उसका तापमान बढ़ने लगता है। तब वो मानसून बनाकर बकरी की तरफ बढ़ता है मालूम कैसे? आप मेरा बकरा ले जाइए। आपकी पूरी team अकेले संभाल के रखेगा। आप एक काम करिए। सुनिए ज्यादा बदतमीजी करोगे ना। अंदर कर देंगे। आप अंदर कर देंगी। ये काम आप बहुत जल्दी कीजिए। वो अंदर करने वाला। हम बहुत परेशान है इस मायावी संसार से। वहां जाकर आराम से पड़े रहेंगे।
Rani Rampat Kanpuri — Chutkula- 3
«Chutkula- 3» — Rani Rampat Kanpuri. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 5:59. Жанр — Этническая.
