Текст песни
गंगा की लहरें, पुरानी कहानी सुनाएं। पत्थर के शहर में, नई रूह जगाएं। तेज रफ्तार, ब्रह्मपुत्रा का शोर है। इस मिट्टी की खुशबू में, दिल मेरा बोर है। खेतों में सूरज, चमके सुनहरा। यादों का मंजर, मिटा दे अंधेरा। नदियां हमारी, बह रही है पुरानी। बहता है लहरें, जैसे प्रेम की कहानी। जमीन की धड़कन, बाजार की गली। हाथी यहां आते, मस्ती में चली। मौसम में भरते, मूंगफली के दाने। बिना दम दिए, चले जाते दीवाने। हां। बिना दम दिए, चले जाते जाते दीवाने। गहरी हैं राहें, तूफ़ानी है पानी। ज़िद है ये नदियां, है दिल की रवानी। ना कोई रोकेगा, ना कोई टोकेगा। ये देश मेरा, सपनों को जोड़ेगा। ज़मीन की धड़कन, बाजार की गली। हाथी यहां आते, मस्ती में चली। मौसम में भरते, मूंगफली के दाने। बिना दम दिए, चले जाते दीवाने। हां। बिना दम दिए, चले जाते दीवाने। हां। बिना दम दिए, चले जाते दीवाने। बहती रहे, हर दम बहने दो। इस मिट्टी का गंगा, सब कहने दो। एक प्यार, एक देश, एक नदियां।
Баро, Раджа — Masti Aur Mitti (Грязь и соль)
«Masti Aur Mitti (Грязь и соль)» — Баро, Раджа. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 4:02.
