Текст песни
फिर चल दिए बढ़ गई देखो दूरियाँ क्या थी ख़ता बतला जाते तो मुझको गर थी कोई दिल में मजबूरियाँ क्या थी समझा जाते तो मुझ को मिल के भी ना मिलना कहीं होता है क्या मेरे जैसे तेरा दिल भी कहीं रोता है ना तेरे बिन ओ मेरी जान मैं तो खो गया हूँ हूँ कहाँ क्या पता कहो ना तुझ से ही था रास्ता अब मैं तो खो गया हूँ और तू है कहाँ य क्या पता मैं खो गया हूँ हर कदम तेरे कदमों में चलता था मैं तुम पास थे तो सिरहाने थीं खुशियाँ तुम नहीं तो नहीं खुद पे यकीं तुम से ही तो चलती है मेरी दुनिया मेरी दुनिया तू ही तो मेरा निशान देखो मैं खो गया हूँ क्या सही क्या नहीं जो तुम नहीं तुम ही हो मेरा पता मैं तो खो गया हूँ क्या याद आए मेरी कभी बस एक दफ़ा कह दे जरा कह दे जरा तू है मेरी मैं हूँ तेरा मैं हूँ तेरा मेरी जान मैं खो गया हूँ खो गया हूँ गया हूँ खो खो खो खो खो गया हूँ मैं खो गया हूँ (खो गया हूँ मैं खो खो खो खो खो खो) मैं खो गया हूँ
Андрей Бирин — Блуждаю в лесу
«Блуждаю в лесу» — Андрей Бирин. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 3:01. Жанр — Саундтрек.
