Текст песни
अरज़ हमारे ये मर्ज़ हमारे दसों ते तेनात कराओगे। देह हम बड़े पछताओगे। अरज़ हमारे ये मर्ज़ हमारे दसों ते तेनात कराओगे। देह हम बड़े पछताओगे। देह है हमारा बचा न बेचारा तो किसके ये देर चलाओगे। देह है हमारा बचा न बेचारा तो किसके ये देर चलाओगे। देखे तुम्हारे सपने सोचे तुम्हारे बातें। बेकार वचन दा जपते आँखों में खुदार रातें। रोज मन में घोंमा मचाते। हर हर। होल होल आँखें ये आँख लगतें जो और कहे जल जाओगे। देह हम बड़े पछताओगे। अरज़ हमारे ये मर्ज़ हमारे दसों ते तेनात कराओगे। देह हम बड़े पछताओगे। अरज़ हमारे ये मर्ज़ हमारे दसों ते तेनात कराओगे। देह हम बड़े पछताओगे। देह है हमारा बचा न बेचारा तो किसके ये देर चलाओगे। देह है हमारा बचा न बेचारा तो किसके ये देर चलाओगे। जल जल के ये दिल मुखराहा जो आज कह निकले सोना। हम तौर से कहे तब से तकदीर चलाना सोना। मन में अमीर के दीके जला के झिलमिल। झिलमिल तारे ये दिल के सहारे जो बरफों ने तगराओगे। देह हम बड़े पछताओगे।
Батыр Закиров — Жалоба моего сердца
«Жалоба моего сердца» — Батыр Закиров. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 2:57. Жанр — Поп.
