Текст песни
सुबह की चाय ठंडी पड़ी, फिर भी मैं बैठा रहा। तेरी यादों की खिड़की से तेरा ही चेहरा दिखा। मेरे दिन की हर झन में एक सीधी राह बनी। जो भी टूटा मेरे अंदर तेरी हंसी से जुड़ गया। मैंने बहुत कुछ मांगा था, पर दिल ने एक ही कहा। जब भी धड़कन नाम लेती है। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरे जीने की वजह। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरी सारी दुआ। बस तुम ही हो। छत पर रखी पुरानी किताब धूल में भी चमक उठी। तेरे आने की आहट से सांसों में जान सी आई। रात अगर भारी लगती है, मैं तेरा नाम लिखूं। खाली पन्नों के कोने में अपनी दुनिया रख दूं। मैंने बहुत कुछ छोड़ा है। तेरे लिए, तेरे लिए। अब जो बचा है मेरे पास। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरे जीने की वजह। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरी सारी दुआ। बस तुम ही हो। अगर कभी मैं टूट भी जाऊं, तुम मुझे जोड़ लेना। इन बिखरे हुए लम्हों को अपने हाथों से सी लेना। मैं कहीं भी रहूं, दिल वहीं लौट आए। जिस जगह पर मेरा नाम तेरी आवाज़ से आए। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरे जीने की वजह। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरी सारी दुआ। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। बस तुम ही हो। मेरे जीने की वजह। बस तुम ही हो।
mounir instru — Tum Hi Ho
«Tum Hi Ho» — mounir instru. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 4:59. Жанр — Этническая.
