Текст песни
हम ना वतन के बच्चे हैं, ना ताज के सिपाही। हमें क्या मतलब, तुम नवाब हो या मंदिर के राही। हाथ में भाला लेकर हम जंग पे चलते हैं। किसान फसल काटेगा, खौफ में पलते हैं। खून है हर तरफ, ये हमारा इकरार है। पैसे दो और चैन से सो, वरना मौत तैयार है। जंग क्यों लड़ते हैं? सिक्कों की खनक के लिए। मुल्क को क्या मिलेगा? राख और खसक के लिए। नरक में भी जाएंगे अगर दाम पूरा मिलेगा। झंडे के लिए नहीं, यहां हर कोई पैसे पे ही लेगा। जगमाग दिखता नहीं तो उसकी कीमत गोड़ी है। रेगिस्तान के साये जैसी ये इज्जत अधूरी है। नाम नहीं, शान नहीं पर जेब भारी है अपनी। ये भले बूढ़े से दूर, शराब में डूबी रूत अपरी। सब समझ और अब नाले, बिना किसी शर्म के। मिट्टी में मिल जाएंगे सब किस्से इस भ्रम के। हमारा वादा सौदा है, हमारा कानून बोलत। इसक लिए मरा तू, बेवकूफ की औलाद। रहम की उम्मीद ना कर, हम योद्धा नहीं माई। सब कुछ जला के राख कर देंगे, कैसी ये तबाही। कत्ल यहां गुनाह नहीं, बस एक पेशा है। बच गया तो जीक तेरी, मौत तो बस अन्सा है। हारने वालों की हड्डियों पे हमारा मंदिर खड़ा। मूरत नहीं वहां, बस सोना ही सोना पड़ा। देख तेरे सामने खड़ा जंग का ये दरिंदा। किस्मत से ना खेल, पैसे दे और रह जिंदा। क्या देश, क्या घर और क्या झंडे की आ। ना र जेब में सोना है, तो बाकी सब बेजान। मासूम मरेंगे तो यही उनका नसीब है। जंग में ऐसा ही होता, जो भी यहां गरीब है। जिंदगी एक लड़ाई है, काश इससे रोक पाते। मौत की धौध में हम सब सीधे पैर जाते। नरक में भी जाएंगे अगर दाम दुख ना मिलेगा। झंडे के लिए नहीं, यहां हर कोई पैसे पे ही लेगा। झंडे छोड़, बस कीमत की ही बात है। खून और आग देख, यही हकीकत की रात है। भलाई या बुराई, हमें बस घर धन बचानी है। घटना और मरना यहां जमीन की क्या कहानी है। अगर शहर मेरा तो लूट और आग लगा। तग में के लिए नहीं तू यहां, खुद से मत झूठ बोल जा। और जैसे ही ये जमीन जिस्म को ढक लेगी। एक फौजी भाई को तेरे नाम की याद आएगी। पत्थरों और स्मारकों में हमें मत ढूंढना। वो कहेगा, "हरामी था, पर सोना खुदा की तरह लाया।"
NeiroBarD — Mercenary Song (Hindi)
«Mercenary Song (Hindi)» — NeiroBarD. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 5:31. Жанр — Фолк.
