Текст песни
बहती हवाओं को चुरा के अपने हाथों में तू बंद कर ले। बिखरी हुई इस सुगंध को अपने सांसों में तू बंद कर ले। ये चांद तारे कभी ना आएंगे जमीं पे कभी। तू यहां से देख के इन्हें महसूस कर ले कभी। क्या कभी सोचा है जब आसमां रोता है। क्या कभी सोचा है कि फिर क्या होता है? जब बारिश होती है, बूंदे बरसती है, दिल की खिजार और महके हवाएं। सुन झूमे मगन में, नाचे गगन के साये तले, गुनगुनाए चले। जब बारिश होती है, बूंदे बरसती है, दिल की खिजार और महके हवाएं। सुन झूमे मगन में, नाचे गगन के साये तले, गुनगुनाए चले। पल भर की सांस, पल भर की कहानी है। गाने में लिखूं, उसमें सच बतानी है। बातें बोलूं, उसमें सच जतानी है। काफी अलग तुम्हें राज़ बतानी है। हार में जीत अगर खौफ सुलानी है। गलत है साथी तो साथ बुलानी है। आंखों में आंसू तो आसमां रुलानी है। गलत है साथी तो साथी बुलानी है। खुद से ही खफा मैं, खुद से ही दफा। हजार बार ये घूमे और धुन पे ये झूमे। लोग परेशान, ईमान पे निशान। एक बात की शिकस्त मैंने जी में ही सोचा। क्या कभी सोचा है जब आसमां रोता है। क्या कभी सोचा है कि फिर क्या होता है? जब बारिश होती है, बूंदे बरसती है, दिल की खिजार और महके हवाएं। सुन झूमे मगन में, नाचे गगन के साये तले, गुनगुनाए चले। जब बारिश होती है, बूंदे बरसती है, दिल की खिजार और महके हवाएं। सुन झूमे मगन में, नाचे गगन के साये तले, गुनगुनाए चले। पल भर की सांस, पल भर की कहानी है। गाने में लिखूं
Sagar Naath, Mars & Mercury — Kya Kabhi Socha Hai
«Kya Kabhi Socha Hai» — Sagar Naath, Mars & Mercury. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 3:26. Жанр — Этническая.
