Текст песни
मैं कमली किती दोतिया। दुख गैर छुपे रोलेतिया करया माही दिगार नु दिल लोचे माहियार नु। इश्क था तेरा यारा, या कोई रोग था जो भी था अब तो नफरत का एक सौग़ था देके गया तू मुझको ऐसा जहर तकलीफ गहरी हो गई तेरा इश्क नहीं मजबूरी हो गई तेरा इश्क नहीं मजबूरी हो गई बनके जोगन फिरते सबसे दूरी हो गई तेरा इश्क नहीं मजबूरी हो गई हर रात जग-जग रोई खुद में ही खुद से खोई दिल तोड़ गया क्यों मेरा ऐसी खता क्या हुई हर रात जग-जग रोई खुद में ही खुद से खोई दिल तोड़ गया क्यों मेरा ऐसी खता क्या हुई सहमी है सांसे और तकती नज़र मैं तो बेचारी हो गई तेरा इश्क नहीं मजबूरी हो गई तेरा इश्क नहीं मजबूरी हो गई हो बनके जोगन फिरते सबसे दूरी हो गई तेरा इश्क़ नहीं मजबूरी हो गई तेरा इश्क नहीं मजबूरी हो गई
Pratiksha Vashishtha, Udit Saxena — Majboori
«Majboori» — Pratiksha Vashishtha, Udit Saxena. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 2:57. Жанр — Фолк.
