Текст песни
माही आवे, माही आवे। क्यों गया रे? क्यों गया रे? तेरे साजन बैठे हैं क्यों चुप यहाँ पे, चुप यहाँ पे। जब से तू गया साजन का ना दिल लगे तुझ बिन। मेरे ख्वाबों में ही वो मुझसे कह गए हर दफा कि तुझ बिन नींद नहीं आती मुझे रातों में और होता नहीं काबू जज्बातों में। बस करते थे बातें क्यों ये खुदा से कि जाने अभी रहते हैं कहाँ। जाने क्यों कर गई खयाल ऐसे वो। बेकाबू कर गई दिल को मेरे वो। सोचा तेरे बिन जी लेंगे ये पल पर अब काटे ना आने वाले कल। तेरे बिना सांस नहीं मेरा दिल पहले वाली बात नहीं है। कल तेरे साथ ही थे जीरे पल आज क्यों याद नहीं है। अब मुझे धुंधला सा लगे क्यों दिखे मुझे तू ही हर जगह। ख्वाब मेरे होते नहीं पूरे क्यों ये दुनिया सारी दे दी मुझे दगा। माही आवे, माही आवे। क्यों गया रे? क्यों गया रे? तेरे साजन बैठे हैं क्यों चुप यहाँ पे, चुप यहाँ पे। फिर से कर गई पागल जब से फिर दिखी मुझको। जाने खो गई थी वो या फिर हो गई थी खफा कि अब जो मिली है तू ऐसे ना मैं जाने दूँ। तेरे साथ में ही रहने के बहाने दूँ। तेरी यादों में जो लिखता था अफसाने क्यों अब जाने अनजाने कह गया। गलती मेरी थी या ज़माने की। मेरी ज़िद भी थी तुझको पाने की। यूं ज़रूरी था तेरा जाना फिर तभी सीखा मैं दिल लगाना फिर। सीखा मैंने प्यार तुझे किया जो दिल कहीं और ना लगे। फिर तूने आँखों से किया जो जादू कोई और ना करे। हुआ मदहोश मैं भी ऐसे क्यों दिखे मुझे तू ही हर जगह। साथ तेरा मिला है जो मुझे तो पास मेरे जीने की है वजह। माही आवे, माही आवे। क्यों गया रे? क्यों गया रे? तेरे साजन बैठे हैं क्यों चुप यहाँ पे, चुप यहाँ पे। माही माही आवे। क्यों गया रे?
Raven, Gitesh Gwari — Mahiya Ve
«Mahiya Ve» — Raven, Gitesh Gwari. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 3:26. Жанр — Поп.
