Текст песни
थी बड़े से उसकी भी आँखें। जैसे सितारे आसमां से झाँकें। थी बोली भी उसकी तेरे जैसी। जैसे सर्दी में जलती अंगीठी। हँसी में उसकी वही अता। जो बंजारो को दिखा दे पता। वो कई बार मेरे गले लगा। फिर भी मुझे छू ना सका। खोज जारी रहेगी तेरे। भटका ही सही मैं भी। कभी तो मिलेगी खुद तेरे जैसी। हाथ भी भी उसके उसके तेरे तेरे जैसे। जैसे। मगर मगर ना थामा ना था उसने मुझे वैसे। ना जाना उसने मुझे कभी। जैसे समझा था तूने अच्छे। खोज जारी रहेगी तेरी। भटका है सभी मैं भी। कभी तो मिलेगी कोई तेरे जैसी। क्या है इस जहाँ में कोई तेरे जैसी? पूरी होगी मेरी कमी। कभी तो मिलेगी कोई तेरे जैसी।
Mrigank Singh Negi, MEDNESS — Teri Jaisi
«Teri Jaisi» — Mrigank Singh Negi, MEDNESS. Читайте текст песни и подпевайте с караоке-подсветкой: строки текста подсвечиваются в такт музыке. Слушайте онлайн бесплатно или скачайте mp3. Длительность записи — 3:36. Жанр — Поп.
